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दोनों हाथ गंवाने के बाद भी लडकी ने हिम्मत नही हारी, पैरो से लिख पेश की नई मिसाल

दोस्तों अक्सर लोग बहुत जल्द हिम्मत हार जाते है. जरा सी चोट लगने पर दुनिया भर का हंगामा करने लगते है. लेकिन एक लडकी है जिनसे अपने दोनों हाथो को गवाने के बाद भी हिम्मत नही हारी. आपने देखा होगा जिनके हाथ पैर नही होते वे सडको पर भीख मांगना शुरू कर देते है या फिर उनके अपने लोग घर से बाहर निकाल देते है.

लेकिन तनु ने हिम्मत ने नही हारी. तनु के दोनों हाथ एक दुर्घटना में चले गये थे. जिसके बाद उसकी पूरी जिन्दगी बदल कर रह गयी. तनु अभी स्कूल में पढाई कर रही है और ऐसे में बच्चो की पढाई लिखाई के लिए उनके हाथो का होना कितना जरुरी है ये बात तो आप जानते ही होन्गे.

तनु ने अपने दोनों हाथ हवा दिए लेकिन उसने पढाई करना नही छोड़ा. तनु को 10 क्लास में प्रमोट किया गया क्योंकि वह पढना चाहती थी. तनु ने भले ही अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे लेकिन उसने पैरो की मदद से लिखना शुरू किया. पहले पहले उसको पैरो से लिखने में काफी कठिनाई होती थी लेकिन फिर धीरे धीरे उसको इसकी आदत हो गयी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार दिव्यांग बच्चो की पढाई लिखाई के लिए कई कार्यक्रम चला रही है जिससे कि बच्चो को पढाई करने में कोई परेशानी न हो. तनु से जब लोगो ने बात की तो उसने बताया कि वह पढना चाहती है उसके दोनों हाथ नही रहे लेकिन उसने पैरो से लिखना शुरू किया वह किसी की मदद नही लेना चाहती थी और अपना काम खुद करना चाहती थी.

पैरो की मदद से तनु को भले ही मुश्किल से काम करना पड़ता था लेकिन अब उसे इसकी आदत हो गयी है. पढाई के अलावा तनु ने बताया कि उसे खेलकूद का भी बहुत शौक है. इसके अलावा पेंटिंग्स कम्पीटिशन में भी वह बढ़ चढकर हिस्सा लेती आई है. तनु की हिम्मत देखकर हर कोई उसके होंसले को सलाम कर रहा है.

जिस उम्र में बच्चे हिम्मत हार जाते है वहीँ तनु ने पैरो से लिखकर नई मिसाल पेश की है. तनु के आसपास के लोग और टीचर सब उनकी हिम्मत देखकर हैरान है. जब किसी के दिल में आगे बढने का सपना हो तो फिर कोई भी बाधा उसको रोक नही सकती है..

तनु ने ये कर दिखाया है कि अगर उसके मन में आगे बढने के होंसले बुलंद है तो उसके हाथ न होने से भी कोई फर्क नही पड़ने वाला है. तनु पढने में काफी तेज है और इसी वजह से वह पढाई को छोड़ना नही चाहती है. तनु उन सभी बच्चो के लिए एक अच्छी प्रेरणा है जो दिव्यांग है.

दुनिया में ऐसे न जाने कितने लोग है जिनके हाथ पैर नही है और वे हिम्मत हार जाते है. ऐसे लोग सोचते है कि अब उनकी जिन्दगी खत्म हो चुकी है और अब वे दुसरो पर ही निर्भर रहने वाले है. ऐसे लोगो को तनु से कुछ सीखना चाहिए. कि कैसे एक 15 साल की बच्ची ने अपने दोनों हाथ न होने की वजह से पढाई छोड़ने की बजाय पैरो से करना सही समझा है.

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