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मोनालिसे पेंटिंग में छिपे है इतने रहस्य जानकर होश उड़ जायेंगे आपके, कीमत है 8 करोड़

मोनालिसा पेंटिग के बारे में हर किसी ने कभी न कभी सूना है जिसे लिनाद्रो दा विन्ची जैसे ग्रेट आर्टिस्ट ने 1503 से 1506 के बीच में बनाया था. यानी कि इस पेंटिंग को बनाने में उन्होंने 4 साल का समय लिया था. ये पेंटिंग कितनी ख़ास है इस बात का पता इसका प्राइज से ही पता चलती है.

इसका प्राइज है 830 मिलियन डॉलर यानी करीब 5 हज़ार 712 करोड़ रूपये. ये पेंटिंग इतनी ज्यादा महंगी क्यों है ये सवाल अक्सर हर किसी के मन में एक बार जरुर आया होगा. ये पेंटिंग इतनी ज्यादा महंगी इसलिए है क्योंकि पेटिंग जितनी रहस्यमयी है उससे कहीं ज्यादा इसमें सीक्रेट मैसेज है. जिसे आजतक पूरी तरह से समझा जा नही सका है.

मोनालिसा पेंटिंग इतनी महंगी क्यों है इसको जानने से पहले आपको उस कलाकार के दिमाग को समझना ज्यादा जरुरी है जिसने इसे इतना रहस्यमयी बनाया है. कोई भी चीज हकीकत में नजर आने से पहले इन्सान के दिमाग में अपना डिजाइन तैयार करती है. लिनार्दो दा विन्ची इस दुनिया में सबसे बेहतर पेंटर माने जाते है.

विन्ची को बचपन से ही कला में ख़ास रूचि थी और ये बात उनके पापा समझ गये थे. इसलिए उन्होंने लिनार्दो को आर्ट एजुकेशन के लिए पेरिस भेज दिया. कहा जाता है कि लिनार्दो ने मोनालिसा की पेंटिंग को एक गरीब व्यापारी की पत्नी को देखकर बनाई थी यानी कि वो व्यापारी अपनी पत्नी की पेंटिंग लिनार्दो से बनवाना चाहता था लेकिन एक दूसरी मान्यता के अनुसार ये पेंटिंग लिनार्दो की एक इमेजिनेशन थी. इसलिए आजतक मोनालिसा की पहचान नही हो पाई है.

मोनालिसा से जुड़े रहस्य

पेंटिंग को देखकर साफ़ दिखाई देता है कि शांत स्वभाव की महिला अपने चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान को लिए बैठी है. कुछ लोगो को इस मुस्कान में इनोसेंस दिखा तो वहीँ कुछ को इसमें शैतानी लुक नजर आया. पेंटिंग को बनाने से कुछ समय पहले ही लिनार्दो की माँ का देहांत हो गया था.

इसी कारण वो दुखी वाले भाव इस पेंटिंग में भी नजर आते है. ये भी कहा जाता है कि मोनालिसा की मुस्कान को अलग अलग एंगल से देखने पर वो अलग अलग सी नजर आती है. इसके पीछे का कारण आजतक किसी को समझ नही आया है. लिनार्दो ने इस पेंटिंग को 51 साल की उम्र में शुरू किया था लेकिन फिर भी वे उसे पूरा नही कर पाए.

मोनालिसा की पेंटिंग को फ़्रांस के एक म्यूजियम में रखा गया था जहाँ से ये 21 अगस्त 2011 को चोरी हो गयी थी. जब ये पेंटिंग वापिस मिली तो इसे एक बुलेट प्रूफ शीशे के पीछे रखा गया ताकि उसे कोई तोड़ न सके.

मोनालिसा की आइब्रो

मोनालिसा की आइब्रो नही है लेकिन वे फिर भी अच्छी लगती है. लिनार्दो ने आइब्रो बनाई थी लेकिन वे काफी हल्की थी और पेंटिंग की लम्बे समय तक होने वाली सफाई के कारण वो मिट गयी. काफी स्टडी करने के बाद शोधकर्ताओं ने ये भी पता लगाया कि मोनालिसा की शक्ल में मर्दाना लुक भी दिखाई देता है. कुछ लोगो का कहना है लिनार्दो ने इस पेंटिंग में अपनी शक्ल बनाने की कोशिश की थी.

अगर विन्ची की सैल्फ पोर्ट्रेट को मोनालिसा की पेंटिंग के साथ देखा जाये तो इससे भी कई तरह के राज खुलकर सामने आते है. जैसे कि दोनो की आँखे. नाक और बालो में काफी सिमिलरिटी है. कम्प्युट की मदद से मोनालिसी की पेंटिंग जब विन्ची के बाद दाढ़ी और भोंहे लगाकर देखा गया तो वे पूरी तरह से विन्ची के लुक में नजर आई.

अलग अलग एंगल से देखने पर मोनालिसा की स्माइल बदलती रहती है यहाँ तक कि एक रिसर्च में पाया गया कि मोनालिसा को दूर से देखने पर स्माइल करते हुए दिखती है लेकिन जब सिर्फ इसके होंठो को देखते है तो वे दोनों कोनो पर थोड़ी छुपी हुई लगती है. जिसके कारण से वे उदास लगती है. पेंटिंग करने के दौरान इस तरह की तकनीक को सुफु मोटो कहते है. लेकिन ये टैक्निक विन्ची के अलावा आजतक कोई नही कर पाया है.

मोनालिसा पेंटिंग के अंदर कई सीक्रेट मैसेज भी छिपे है.रिसर्च ने जब इस पेंटिंग को हाईट्रेक माइक्रोस्कोप और हाईइंटेंसिटी लाइट और मल्टीलैंस कैमरा की मदद से रिसर्च किया तो पता चला इस पेंटिंग को बनाने के लिए इसमें पेंट की 30 लेयर का यूज हुआ है और सभी लेयर्स 40 माइक्रोमीटर से भी कम है.

इस रिसर्च में उन्हें कुछ सीक्रेट मैसेज भी मिले है और जब इन सीक्रेट मैसेज को क्रोनोलोजिकली लिखा गया तो वो इटेलियन शब्द बनते है जिसका हिंदी में अर्थ है – उत्तर यहाँ है ! इस सीक्रेट मैसेज से दा विन्ची क्या बताना चाहते थे ये आजतक किसी को पता नही चल पाया है.

 

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