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समाज में कन्यादान की परम्परा पर आलिया भट्ट ने किया सवाल – मैं दान देने वाली वस्तु हूँ क्या ?

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते ही है कि सदियों से देश में कन्यादान की परम्परा चली आ रही है. लडकियों को हमेशा पराया धन माना जाता है और एक पिता के लिए उसके जीवन का सबसे बड़ा दान कन्यादान होता है. हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने कन्यादान पर सवाल उठाया है.

आलिया ने ब्राइडल लुक में तस्वीर शेयर की है जिसमे वे दुल्हन बनकर काफी ज्यादा खुबसूरत दिखाई दे रही है. आलिया का इस फोटो को शेयर करने का मकसद देश की लाखो – करोड़ो लडकियों की दिल की आवाज को दुनिया भर में पहुंचाना था.

आलिया भट्ट ने सदियों से चली आ रही कन्यादान की प्रथा पर सवाल उठाया है इसके साथ उन्होंने समाज से प्रश्न करते हुए पूछा है – क्या मैं केवल दान की जाने वाली वस्तु हूँ ? अभिषेक वर्मन द्वारा निर्मित एक विज्ञापन में आलिया भट्ट दुल्हन बनकर तैयार हुई है.

ये एक ऐड है जिसमे आलिया मंडप में पति के साथ बैठी नजर आ रही है. ऐसे में वे लोगो तक अपने दिल की आवाज पहुंचाने की कोशिश कर रही है. आलिया लोगो से सवाल करती है कि शादी के बाद कन्यादान की रस्म क्यों की जाती है ? इसके साथ ही वे अपने परिवार के हर सदस्य को लेकर खुलके बात करती है

कि वे उन्हें कितना ज्यादा प्यार करते है. वे कहती है कि जब सब उन्हें इतना ज्यादा प्यार करते है तो फिर उन्हें हमेशा दूसरा और अपने परिवार का अस्थाई हिस्सा क्यों माना है ? आलिया कहती है क्या मैं केवल दान करने वाली वस्तु हूँ ? कन्यादान क्यों कन्यामान कहिये .

कन्यादान की जगह कन्यामान कहना लोगो को ये ऐड इतना ज्यादा पसंद आया है कि हर कोई आलिया की तारीफ़ कर रहा है. वहीँ देश भर से लडकियाँ आलिया की बात से सहमत है और उनका कहना है कि कन्या का दान नही बल्कि कन्या होने पर मान होना चाहिए. इसलिए कन्या दान की जगह कन्यामान होना चाहिए. आलिया इससे पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है वह हमेशा ही अपने लुक और फिल्मो की वजह से युवाओं में ज्यादा लोकप्रिय रहती है.

आलिया भट्ट की बातो को सुनकर लोगो ने तरह तरह के कमेन्ट किया है. जिसमे से एक यूजर ने लिखा है – जितनी भी लाइने आलिया भट्ट ने बोली है वे सच है और हर लकड़ी को कभी न कभी और कंही न कहीं ये बाते महसूस हो जाती है.वहीँ दुसरे यूजर ने लिखा है

– कभी तीन तलाक और हलाला पर भी बोल दिया करो. वहीँ एक अन्य यूजर ने लिखा है – फ़िल्मी दुनिया के लोग जो न धार्मिक न सामाजिक बल्कि पूर्णतया अनैतिक है . हिन्दू धर्म का मखोल उड़ाते है जबकि अन्य धर्मो की बुराइयों पर फिल्म बनाने से बचना चाहते है.

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