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100 % मेड इन इंडिया वैज्ञानिकों ने पहली “एफएसएलएम उन्नत प्रौद्योगिकी” विकसित की

दोस्तों काफी कम ही लोगों को पता होगा, लेकिन पिछले साल यहां पर हमारे भारत में मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कोर्रिडोर को तेजी से फटाफट से बनाने के लिए यहा चाइनीस टेक्नोलॉजी की रिक्वायरमेंट लग रही थी।

काफी ऑफिशियल का ऐसा कहना था कि जो चाइनीस कंस्ट्रक्शन में बड़ी-बड़ी मेगा मशीन सी यूज़ की जाती है। प्रीकास्ट गडर को लॉन्च करने में तो इसमें काफी तेजी आ जाती है और ऐसी प्रीकास्ट गडर को लॉन्च करने में तो इसमें काफी तेजी आ जाती है और ऐसी कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी हमें भारत में चाहिए ताकि बुलेट ट्रेन को हम फटाफट से तेजी से बना पाए। अब यहां पर भारत ने फिर एक बार इस क्षेत्र में कमाल करके दिखा दिया है। फुल स्पेन लॉन्चिंग इक्विपमेंट सप्लायर कैरियर एंड ट्रांसपोर्टेशन जिसे हम शॉर्ट fslm कहते हैं, इसकी पूरी मैन्युफैक्चरिंग चेन्नई में की गई है और इसकी कैपेसिटी है। 1100 मेट्रिक tonn की जो अपने आप में ही एक काफी बड़ी जीत दर्ज कर ली है हमने क्षेत्र में। यहां पर L&T पूरी तरह से इंडियन टेक्नोलॉजी के दम पर यहां पर पूरी मैन्युफैक्चरिंग चेन्नई में की है

और आपको बता दूं कि इसकी कैपेसिटी है 1100 मेट्रिक टन की अपने आप में ही भारत में एक काफी बड़ी जीत दर्ज कर ली है और आपको जानकर खुशी होगी कि अब भारत उन गिने चुने देश के लिस्ट में शामिल हो चुका है जिसमें इटली नॉर्वे व कोरिया और चाइना समेत अब भारत भी इस लिस्ट में आ चुका है। जिनके पास इतनी कैपेबिलिटी है कि वह डिजाइन और मेहर का चर्बी कर सकते। इस तरह के बेहद ही एडवांस रूल्स फाइन, लॉन्चिंग इक्विपमेंट्स की शुभ डेफिनेटली हंड्रेड परसेंट चोली हम कह सकते हैं कि बुलेट ट्रेन का जो कंस्ट्रक्शन का काम है, बड़ी लैंड एक्विजिशन के चलते जरा डीले हुआ है। लेकिन अब यह जो टेक्नोलॉजी आ गई है भारत के पास इतनी बड़ी कैपेबिलिटी इसके दम पर तो हम काफी तेजी से इसका कंस्ट्रक्शन खत्म कर सकते हैं और टेक्नोलॉजी है मेट्रो और भी कई मामले में भी नाम कुछ ऑफिशल से यहां पर।

अभी कहां है कि हमें इस तरह की कोई भी स्लांटिंग इक्विपमेंट्स की रिक्वायरमेंट होगी ताकि वह 325
किलोमीटर्स के लॉन्ग वाइडर सुपरस्ट्रक्चर को कंफर्म कर सके। बिटवीन वापी एंड अहमदाबाद वैसे लैंड एक्विजिशन की बात करें तो अभी फिलहाल 97% लैंड एक बार कर लिया गया है। गुजरात में हंड्रेड परसेंट दादरा नगर हवेली में तो हो ही गया है और महाराष्ट्र की बात करें तो यहां पर मात्र अभी तक 30% ही लाइन एक्वायर करने में सफल हो पाए।

एनएचएसआरसीएल अभी फिलहाल इसके कंस्ट्रक्शन में लगे हुए हैं। इंपैक्ट एनएचएसआरसीएल के मुताबिक ऐसा भी कहा जा रहा है कि आने वाले समय में तो यह जॉब अपॉर्चुनिटी भी निकलकर आएंगी। इसमें से सबसे ज्यादा टेक्निशियंस की जॉब होंगी और बाकी स्किल्ड और अनस्किल्ड वर्कर्स की तो दॉतो किसी लगी हमारी कमेंट सेक्शन में जरूर बताइये और लाइक शेयर भी कीजिये धन्यवाद

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