Breaking News

शरिया क़ानून क्या है और अफ़ग़ान महिलाएं इससे क्यों डरी हैं

अफगानिस्तान में औरतों के बद से बदतर दिन वापिस आ गए हैं अगर आने वाले दिनों में आपको महिला को चौराहे में बुरी तरह से मारते हुए कोई वीडियो दिखता है तो आप चौंकिएगा मत क्योंकि अफगानिस्तान में अब दोबारा तालिबान राज वापिस आ गया है

और उसके साथ ही वापस आ गया है तालिबान का वह कट्टर शरिया कानून जो शायद औरतों को इंसान समझता ही नहीं ! मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के जिन जिन इलाकों में तालिबानियों ने कब्जा कर लिया है वह महिलाओं के लिए कट्टर तालिबानी कानून को लागू किया जा रहा है !

शहर भर में पोस्टर लगवाए जा रहे हैं मस्जिदों से यह ऐलान किया जा रहा है कि अब से सभी को तालिबानी कानून मानना होगा इस बेरहम तालिबानी कानून के तहत कोई भी महिला अकेले बाजार नहीं जा सकेगी उसके साथ घर के किसी मर्द का होना जरूरी है !

अगर कोई महिला दुकान पर सामान लेने के लिए अकेले किसी मर्द के बिना चले गई है तो दुकानदार उसे सामान नहीं देगा इसके अलावा लड़कियों का स्कूल जाना तक बंद कर दिया गया है स्कूल बंद करने से ना केवल उनकी आजादी छीन ली गई है बल्कि सपने देखने का हक भी उनसे ले लिया गया है

ऐसी भी खबरें सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही है कि तालिबान ने यह ऐलान कर दिया है कि सभी लोगों ने अपनी बेटियों की शादी तालिबानी लड़ाकुओं से करनी होगी ! यहां औरतों को तालिबानी लड़ाकुओं से शादी करने का फरमान सुनाया गया है ! तालिबान कल्चर कमीशन से निकाली गई

एक चिट्ठी में कहा गया है कि जिन इलाकों में तालिबान का कब्जा हो गया है वहां के मौलवी 15 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियां और 45 साल से कम उम्र की विधवा औरतों की एक सूची तालिबान को दे और इन सभी की शादी तालिबान के लड़ाकुओं से ही की जाए इसके अलावा महिलाओं को सर से पैर तक खुद को ढकना , बच्चों का पर्दा करना बेहद जरूरी है !

महिलाओं का नौकरी करना सख्त मना है तालिबान के यह कट्टर कानून सिर्फ महिलाओं को ही नहीं है औरतों को बेजान समझने वाले तालिबान ने 1 – 2 कानून मर्दों के लिए भी बनाए हैं जैसे कि मर्दों को दाढ़ी काटने का आदेश नहीं दिया गया है सभी मर्दों को पगड़ी पहनना भी जरूरी है

इसके अलावा सोशल मीडिया में ऐसी भी खबरें है कि नए तालिबानी कानून के तहत चोरी करने पर हाथ और पैर काट दिए जाएंगे समलैंगिकता को अपराध मानते हुए आरोपी मर्द को दीवार से नीचे गिरा कर मार डाला जाएगा ! मस्जिद पर नमाज ना पढ़ने पर पिटाई का आदेश दिया गया है

कब्जे वाले इलाकों में लोगों को रात के बाद बाहर निकलने का आदेश नहीं दिया गया है जितने सख्त यह नियम कानून है उससे ज्यादा सख्त इन कानूनों को तोड़ने की सजा है ! किसी भी नियम को तोड़ने पर पत्थर से मारकर मौत की सजा का प्रावधान किया गया है यह हालत तब है जब तालिबान ने कहा है

की पिछली बार की तरह इस बार वे ज्यादा कट्टर नहीं होंगे और सब के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाएंगे लेकिन सिर्फ और सिर्फ इस्लामिक कानून के आधार पर तालिबान का यह नया वर्जन अफगानिस्तान के लोगों खासतौर पर महिलाओं के लिए कड़वी यादों और अंधकार से भरे वर्तमान के अलावा और कुछ नहीं है !

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के जाने के बाद तालिबान की ताकत जिस हिसाब से बढ़ी है उससे तो माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में अफगानिस्तान में सिर्फ और सिर्फ तालिबान का राज होगा !

 

About NR Thakur

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *