Breaking News

रूस यूक्रेन के बीच Indian Airforce ने क्यों दी भारत सरकार को सीधी चेतावनी

 

 इंडियन एक्सप्रेस के आर्टिकल  के मुताबिक पार्लियामेंट कमेटी ऑन डिफेंस का कहना है कि इंडिया के पास जो आज की डेट में 30  स्क्वाड्रोन्स (squadrons) मौजूद है वह बहुत ही कम है और अब समय गया है टाइम बम फाइटर जेट  परचेज करने का लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह बात पार्लियामेंट कमेटी ऑन डिफेंस ने तब बोली है जब इंडियन एयर फोर्स ने उनको साफ तौर पर कह दिया है कि अब चीजें हमारे हाथ से निकल रही है ! पाकिस्तान और चाइना के साथ टू फ्रंट वॉर  के लिए हमारे पास पर्याप्त संख्या में फाइटर जेट बिल्कुल नहीं है ! दरअसल  इंडियन  एयरफोर्स के ऑफिसर और रिप्रेजेंटेटिव ने एक प्रेजेंटेशन के दौरान पार्लियामेंट स्टैंडिंग कमिटी ऑन डिफेंस  को यह जानकारी दी है कि स्क्वाड्रोन्स की  प्रजेंट ऑथराइज स्ट्रैंथ 42 है ! यानी इंडियन एयर फोर्स को इस समय कम से कम 42 स्क्वाड्रोन्स चाहिए !

 

 

अभी के समय में इंडियन एयरफोर्स के पास मात्र 30 स्क्वाड्रोन्स है और यह नंबर आगे आने वाले कुछ ही सालों में और नीचे गिर जाएगा क्योंकि इंडियन एयर फोर्स का कहना है कि इन 30 स्क्वाड्रोन्स में से भी कई सारे फाइटर जेट फेस्ड आउट यानी रिटायर किए जाने हैं ! इंडियन एयरफोर्स की 1 स्क्वाड्रोन में 18 फाइटर जेट्स  होते हैं ! 12 स्क्वाड्रोन्स कम होने का मतलब है इंडियन एयर फोर्स के पास इस समय 216 फाइटर जेट्स  की कमी है ! इंडियन एयरफोर्स ने बताया कि उनके पास मौजूद अधिकतर स्क्वाड्रोन्स की टोटल टेक्निकल लाइफ अब एक्सपायर होने वाली है और उनकी स्क्वाड्रोन्स स्ट्रैंथ लगातार नीचे गिर रही है ! लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क वन , मार्क वनऔर जो प्रपोज किए गए मल्टी  रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है अगर इनकी इंडक्शन होती है तो इसे बहुत ही ज्यादा मदद मिलेगी लेकिन इनको भी एक तय  समय सीमा के अंदर ही एयरफोर्स में  इंडक्ट करना पड़ेगा !

इंडियन एयरफोर्स ने पार्लियामेंट कमेटी को यह भी बताया कि तेजस फाइटर जेट की डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में बहुत ही ज्यादा टाइम लग गया है ! इसके साथ ही इंडियन एयर फोर्स के ऑफिसर्स जो पार्लियामेंट कमेटी के सामने पेश हुए थे उन्होंने साफ शब्दों में बोला है कि जो इंडियन एयर फोर्स की जिम्मेवारी है और जो हमारे सामने हमारे एनिमी है  उनको काउंटर करने के लिए जो इंडियन एयर फोर्स की जो स्क्वाड्रोन्स स्ट्रेंथ है वह अपर्याप्त है ! मतलब कि इंडियन एयर फोर्स ने पार्लियामेंट कमेटी को साफ कह दिया है की जो आपने इंडियन स्काई को डिफेंड करने की जिम्मेदारी इंडियन एयर फोर्स को सौंप  रखी गई है उसको निभाने के लिए इंडियन एयर फोर्स के पास पर्याप्त संख्या में फाइटर जेट बिल्कुल नहीं है

 

 

इंडियन एयर फोर्स के रिप्रेजेंटेटिव ने उसके बाद यह भी कहा कि जो डिजायर स्ट्रैंथ है उसको तो हम अचीव नहीं कर सकते है लेकिन हमसे जितना भी बेस्ट  हो पा रहा है हम वो सब कर रहे हैं ! स्वदेशी फाइटर जेट की प्रोडक्शन शुरू होने में जो डिले  हो रहा है वह डिप्लीट होती इंडियन एयर फोर्स की स्ट्रैंथ का सबसे बड़ा कारण है ! इंडियन एयरफोर्स ने यह भी बताया कि जब तक नए  फाइटर जेट्स  नहीं मिलते तब तक हम अपने लो सर्विसलिबर्टी रेट को लगातार बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा फाइटर जेट ऑपरेशनल स्टेट में रहे ! इसके साथ ही सेना के बाकी और कई सारे मुद्दों के ऊपर भी चर्चा हुई लेकिन एक बात यहां से क्लियर हो गई है कि इंडियन एयरफोर्स अब वाकई में फाइटर जेट्स  की कमी महसूस कर रही है !

 

 

 देखा जाए तो इंडियन एयर फोर्स जैसी दुनिया की कोई भी गौरवान्वित एयर फोर्स इससे ज्यादा क्लियर शब्दों में अपनी सरकार को यह नहीं कह सकती है कि हमें फाइटर जेट की कितनी जरूरत है जिसके बिना चाइना और पाकिस्तान को एक साथ हराना उनके लिए मुश्किल होगा ! इसके साथ ही इंडियन एयरफोर्स ने यह मुद्दा उठाया है कि एलसीए मार्क वन  , मार्क वन और एएमसीए जैसे स्वदेशी फाइटर जेट भारत के अंदर बनाए जा रहे हैं ! यह बहुत ही खुशी की बात है लेकिन उनकी प्रोडक्शन में बहुत ही ज्यादा टाइम वेस्ट हो रहा है ! उस प्रोसेस को तेज करने की जरूरत है ! एमएमआरसीए  2. कॉन्ट्रैक्ट जिसके तहत 114 मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट  खरीदे जाने हैं उनको भी जल्द से जल्द ही खरीदा जाए ! खैर आपको क्या लगता है कि क्या फाइटर जेट  खरीदने में मोदी सरकार ने बहुत ही ज्यादा डिले  और टाइम वेस्ट कर दिया है हां या फिर ना ! नीचे कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं !

About dev kishan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *