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टाटा के 1 बिलियन डॉलर निवेश करने से हिले अरब के देश, भारत निकला सबसे आगे

 

टाटा मोर्ट्स एक बार फिर अपने बड़े निवेश के चलते चर्चा में आ गयी है. देश की सबसे बड़ी ट्रक निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स अपने व्यवसाय को और ज्यादा बढाने के लिए और नये रोड मैप को तैयार करने के लिए भारत के अंदर एक बिलियन डॉलर यानी 7500 करोड़ का निवेश करने वाली है.

ये निवेश कुछ सालो में लगातार किया जायेगा और इससे भारत की निर्भरता जो दुसरे देशो पर है उसको खत्म करने के लिए टाटा ने बहुत बड़ा कदम उठाया है. एक अरब डॉलर की लागत से टाटा यहाँ पर पेसेंजर इलेक्ट्रिक व्हीकल, कॉमर्शियल व्हीकल, CNG, LNG इन सभी अल्नेटरी आप्शन पर काम करने वाली हैं.

यानी इन सभी से ऑपरेट होने वाले कुछ व्हीकल को बनाकर भारत के अंदर लॉन्च करने वाली है. भारत के अंदर पेट्रोल डीजल व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल के रेट लगातार बढ़ते जा रहे है. ऐसे में जब बड़ा प्रोड्क्शन भारत के अंदर होगा तो निश्चय से प्राइज सिमिलर हो सकते है.

टाटा मोटर्स के द्वारा 15 हाइड्रोजन फ्यूल ऑपरेट होने वाली बसों को तैयार किया जा रहा है जोकि ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल की जाएगी. इसी के साथ में टाटा मोटर्स के द्वारा 650 से भी ज्यादा अलग वेरियंट की इलेक्ट्रिक बसों को भारत के अलग अलग ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल किया जा रहा है. जो 20 मिलियन किलोमीटर की जगह को कवर कर चुकी है.

इसी के साथ में टाटा ने फाइनेंशियल 2020 में लगभग 1800 करोड़ का निवेश किया था. ये भारत में टाटा के द्वारा होने वाला अबतक का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है. टाटा इसी के समान अब 1 बिलियन US डॉलर का निवेश करने जा रही है.

तो भारत के अंदर EV की रेस में अब सभी कम्पनियां बराबर की हिस्सेदारी ले रही है. फिर चाहे टाटा का नाम लें या फिर अशोक लेयलेंड की कम्पनी की बात करे. ये सभी कम्पनियां डीजल और पेट्रोल के अल्ट्रेनिक आप्शन पर काम कर रही है और बहुत जल्द भारत के अंदर ये वाहन दौड़ते हुए नजर आने वाले है.

आपको बता दें कम्पनी ने एक ब्यान में कहा था कि टाटा मोटर्स लि और TPG राइज कलाईमेट ने बाध्यकारी समझौता किया है जिसके तहत TPG राइज क्लाइमेंट अपने सह निवेशक एडिक्यु के साथ टाटा मोटर्स की अनुषंगी इकाई में निवेश करेगी और इस अनुषंगी इकाई का हाल ही में गठन हुआ है.

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